प्रॉपर्टी (Property) खरीदते समय ख़रीददार को प्रॉपर्टी की क़ीमत के अलावा स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) और रजिस्ट्रेशन फीस (Registration Fees) का भी भुगतान करना होता है। इस आर्टिकल में आपको मुंबई (Mumbai) और महाराष्ट्र (Maharashtra) में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस से जुड़ी पूरी जानकारी आपको मिलेगी।
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने स्टांप ड्यूटी पर एक प्रतिशत मेट्रो सेस (Metro Cess) की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल, 2022 से प्रभावी है। परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं (Transport Infrastructure Projects) के विकास के लिए मुंबई, पुणे (Mumbai), ठाणे (Thane) और नागपुर (Nagpur) में अतिरिक्त उपकर लागू किया जाएगा। मेट्रो सेस लागू होने के बाद मुंबई में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज छह फीसदी हो गया है। इसी तरह पुणे और नागपुर में मेट्रो सेस लागू होने से स्टांप ड्यूटी सात फीसदी हो जाएगी, जो अभी छह फीसदी है।
वैसे देखा जाए तो महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी की दरें भारत में सबसे ज़्यादा हैं। स्टांप ड्यूटी प्रॉपर्टी की जगह और लेनदेन के तरीक़ों के आधार पर अलग- अलग होती हैं। आवासीय संपत्तियों (Residential Properties) और कमर्शियल प्रॉपर्टी (Commercial Properties) के लिए भी स्टांप ड्यूटी की दरें अलग-अलग हैं। महाराष्ट्र में वर्तमान स्टांप शुल्क दरें यहां दी गई हैंः
सेल डीड (Sale Deed) : 5%
गिफ्ट डीड (Gift Deed) : 2%
लीज डीड (Lease Deed) : लीज राशि का 0.25%
मॉरगेज़ डीड (Mortgage Deed) : बंधक राशि का 0.1%
लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट (Leave and License Agreement) : लाइसेंस शुल्क या सुरक्षा जमा का 0.25%, जो भी अधिक हो
मुंबई में स्टांप ड्यूटी का कैलकुलेशन कैसे किया जाता है? (How Stamp Duty Calculated in Mumbai)
स्टांप ड्यूटी का कैलकुलेशन आमतौर पर रेडी रेकनर के रेट (Ready Reckoner rate) के आधार पर होता है। देश में स्टाम्प ड्यूटी की दर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। महाराष्ट्र मे यदि अचल संपत्ति नगर निगम (Municipal Corporations) की सीमा, नगर परिषद (Municipal Council,) और ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) के भीतर आती है तो संपत्ति पर स्टाम्प ड्यूटी भी अलग – अलग होती है, जबकि एक प्रतिशत पंजीकरण शुल्क (Registration Fees) के रूप में लिया जाता है।
उदाहरण के लिए:
अगर किसी व्यक्ति ने मुंबई के नगर निगम की सीमा के भीतर एक 1,000 वर्ग फुट की संपत्ति खरीदता है। इलाके का आरआर रेट (Ready Reckoner rate) 5,000 रुपये वर्ग फुट है। उस पर स्टांप ड्यूटी का कैलकुलेशन कुछ इस तरह किया जाएगा ।
आरआर दर के अनुसार संपत्ति का मूल्य: 50 लाख रुपये
स्टाम्प ड्यूटी: 6%
स्टांप ड्यूटी देय: रु. 50 लाख का 6% = रु. 3 लाख
रजिस्ट्रेशन शुल्क: रु. 50 लाख का 1% = रु. 50,000
कुल स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क = 3.5 लाख रुपये
मूल रूप से, स्टाम्प ड्यूटी एक प्रकार का संपत्ति कर है जिसका भुगतान घर खरीदारों को संपत्ति खरीदते समय करना होता है। भारत के अन्य राज्यों की तरह, महाराष्ट्र भी फ्रीहोल्ड या लीजहोल्ड (freehold or leasehold), भूमि (कृषि और गैर-कृषि), स्वतंत्र घरों या फ्लैटों (independent houses or flats) और रेसीडेंशियल प्रॉपर्टी या कमर्शियल प्रॉपर्टी (residential flats or commercial properties) सहित सभी प्रकार की संपत्तियों पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस लगती है। यह राज्य के लिए राजस्व (Revenue) का एक प्रमुख स्रोत है।
महाराष्ट्र स्टाम्प ड्यूटी अधिनियम, 1958 (Maharashtra Stamp Duty Act, 1958) पूरे महाराष्ट्र राज्य में लागू होता है। अधिनियम राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर पर अचल संपत्ति संपत्तियों पर स्टाम्प ड्यूटी लगाता है।
स्टाम्प ड्यूटी संपत्ति के बाजार मूल्य (market value of the property) संपत्ति के क्षेत्र (area of the property), या अन्य मानदंडों सहित कई मापदंडों के आधार पर दरों पर देय है।
चूंकि एक कमर्शियल प्रॉपर्टी (Commercial Property) में कई सुविधाएं, फ़्लोर स्पेस (floor Space) और सुरक्षा (security) जैसी विशेषताएं शामिल हैं, इसलिए आवासीय संपत्ति (Residential Properties) की तुलना में कमर्शियल प्रॉपर्टीपर स्टाम्प ड्यूटी थोड़ी ज़्यादा लगती है।
ज़मीन की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी इलाके और अधिकार क्षेत्र के आधार निर्भर करती है। यदि ज़मीन नगरपालिका या शहरी क्षेत्र के भीतर आती है, तो उस पर आपको ज़्यादा स्टाम्प ड्यूटी देनी पड़ेगी । इसी तरह, यदि प्रॉपर्टी पंचायत सीमा में स्थित है, तो खरीददार को शहरी क्षेत्र की तुलना में कम स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करना होगा।
मुंबई, महाराष्ट्र में महिला घर खरीदारों को मिलती है स्टाम्प ड्यूटी में रियायत (Stamp duty concession for female homebuyers in Mumbai, Maharashtra)
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए पांच प्रतिशत और राज्य के बाकी हिस्सों में छह प्रतिशत स्टांप ड्यूटी की दरें लगाई हैं। राज्य सरकार ने मार्च 2021 में महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में एक प्रतिशत छूट देने की घोषणा की थी। अगर किसी प्रॉपर्टी किसी महिला के नाम पर ट्रांसफ़र की जाती है तो स्टांप ड्यूटी के तौर पर केवल चार फ़ीसदी फीस ही अदा करनी होगी। यह छूट संयुक्त मालिकों (पुरुष और महिला) पर लागू नहीं है।
मुंबई, महाराष्ट्र में निवेशकों के लिए स्टांप शुल्क में रियायत (Stamp duty concession for investors in Mumbai, Maharashtra)
महाराष्ट्र सरकार ने निवेशकों के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट की अवधि तीन साल तक बढ़ाने के बिल को हरी झंडी दे दी है। इससे पहले, निवेशक छूट का लाभ पाने के लिए प्रॉपर्टी को खरीदने के एक साल के भीतर बेच देते थे, लेकिन अब निवेशक संपत्ति खरीदने के तीन साल के भीतर किए गए पुनर्विक्रय पर भी स्टांप ड्यूटी में छूट पा सकते हैं। इस तरह के सौदों में पूरी रकम के बजाय संपत्ति की कीमत के अंतर पर ही स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया जाता है।
गिफ्ट डीड पर महाराष्ट्र में स्टाम्प ड्यूटी (Stamp duty on gift deed in Maharashtra)
महाराष्ट्र मुद्रांक अधिनियम के अनुच्छेद 34 (Article 34 of the Maharashtra Stamp Act) में कहा गया है कि यदि विचाराधीन संपत्ति खेत (farmland) या कृषि भूमि (agricultural land) या आवासीय संपत्ति (residential property) है और उसे परिवार के सदस्यों को पारित कर दिया गया है तो स्टांप ड्यूटी 200 रुपए होगी, साथ ही गैर परिवार के सदस्यों के लिए, गिफ्ट डीड पर स्टांप ड्यूटी प्रॉपर्टी की लागत का तीन फीसदी होगी।
लीज डीड पर महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी (Stamp duty on lease deed in Maharashtra)
महाराष्ट्र में सभी लीज एग्रीमेंट (lease agreement) का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। महाराष्ट्र में लीज एग्रीमेंट, जिसे लीज एंड लाइसेंस एग्रीमेंट (leave and license agreement) के नाम से भी जाना जाता है। लीज एंड लाइसेंस एग्रीमेंट को कुल किराए का 0.25 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी के रूप में देकर स्टांप किया जाना चाहिए।
पावर ऑफ अटॉर्नी पर महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी ( Stamp duty on Power of Attorney in Maharashtra)
मुंबई में पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney) दस्तावेज पर स्टांप ड्यूटी महाराष्ट्र स्टांप अधिनियम 1958 (Maharashtra Stamp Act, 1958) और महाराष्ट्र स्टाम्प (संपत्ति के सच्चे बाजार मूल्य का निर्धारण) नियम, 1995 (Maharashtra Stamp (Determination of True Market Value of Property) Rules, 1995) के प्रावधानों के आधार पर निर्धारित की जाती है।
मुंबई में एक पावर ऑफ अटॉर्नी दस्तावेज के लिए स्टांप ड्यूटी संपत्ति के बाजार मूल्य का 0.25 प्रतिशत है। संपत्ति का बाजार मूल्य सरकार द्वारा स्थापित दिशानिर्देशों और संबंधित कानूनों और नियमों के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
मुंबई में ऑनलाइन स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान कैसे करें? (How to pay stamp duty online in Mumbai?)
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई राज्य सरकारों ने स्टांप शुल्क का ई-भुगतान शुरू किया है। ई-स्टाम्प पंजीकरण सुविधा से घर खरीदने वालों को स्टांप शुल्क, पंजीकरण शुल्क या किसी अन्य शुल्क का भुगतान कुछ क्लिक के साथ ऑनलाइन करने में मदद मिलेगी। ऑनलाइन स्टांप शुल्क भुगतान प्रक्रिया काफ़ी आसान है। आप आसानी से किसी भी प्रॉपर्टी की खरीद पर स्टांप ड्यूटी का भुगतान कर सकते हैं।
- ख़रीददार महाराष्ट्र स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं।
- इसके बाद, भुगतान करने वालों को संपत्ति और उसके क्षेत्र के बारे में कुछ जानकारी भरने की आवश्यकता होगी।
- एक बार सभी आवश्यक विवरण भरने के बाद, आपको भुगतान गेटवे चुनना होगा। वेबसाइट को सभी प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ जोड़ा गया है।
- फिर आप अपना बैंक चुनें और भुगतान के लिए आगे बढ़ें।
मुंबई में स्टांप ड्यूटी को प्रभावित करने वाले कारण (Factors affecting stamp duty charges in Mumbai)
स्टांप ड्यूटी को प्रभावित करने की कई वजहें हैं जैसे कि –
- प्रॉपर्टी मालिक की उम्र और लिंग: महिला घर खरीदारों को स्टांप शुल्क भुगतान पर 1 प्रतिशत की छूट मिलती है।
- प्रॉपर्टी लोकेशन: किसी शहरी क्षेत्र की नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाली प्रॉपर्टी पर ज़्यादा स्टैम्प ड्यूटी देनी पड़ती है।जबकि बाहरी इलाक़ों में स्टैम्प ड्यूटी कम होती है।
- संपत्ति का प्रकार और इसका उपयोग: दुकानों और कार्यालयों जैसी कमर्शियल प्रॉपर्टी पर पर रेसीडेंशियल प्रॉपर्टी के मुक़ाबले ज़्यादा स्टैम्प ड्यूटी लगती है। साथ ही फ्लैट, इंडिपेंडेंट हाउस आदि के लिए भी चार्ज अलग-अलग होता है।
- संपत्ति आयु और सुख-सुविधाएं: जिन हाउसिंग सोसायटियों में हाई-एंड सुविधाएं हैं, वहां अक्सर ज्यादा स्टांप ड्यूटी लगती है। इसी तरह पुरानी संपत्तियों पर भी कम स्टांप कम है।
महाराष्ट्र में स्टाम्प ड्यूटी रिफंड कैसे प्राप्त करें? (How to get a stamp duty refund in Maharashtra?)
- आईजीआर महाराष्ट्र (IGR Maharashtra) इन परिस्थितियों में स्टांप शुल्क रिफंड (stamp duty refund) की अनुमति देता है।
- यदि स्टैंप पेपर में गलतियां हैं और इसे उपयोग करने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है।
- यदि स्टाम्प पेपर में अधूरी जानकारी है या हस्ताक्षर नहीं है।
- यदि लेनदेन किसी भी पक्ष या अदालत द्वारा नाजायज पाया जाता है।
- यदि किसी एक पक्ष ने स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है।
- स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने से पहले यदि किसी एक पक्ष, जिसके हस्ताक्षर महत्वपूर्ण हैं, की मृत्यु हो जाती है।
- यदि कोई एक पक्ष नियम व शर्तों से सहमत होने में विफल रहता है।
- यदि दस्तावेज़ पर स्टाम्प का मूल्य अपर्याप्त है, लेकिन पंजीकरण सही मूल्यवर्ग के स्टाम्प पेपर का उपयोग करके पूरा हो गया है।
- यदि स्टांप पेपर अनुपयोगी है या खराब है लेकिन एक अन्य स्टांप पेपर दस्तावेज का उपयोग करके लेनदेन पंजीकृत किया गया है।
रिफंड प्रक्रिया (Refund Process) के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है, फिर टोकन प्राप्त करने के बाद और नीचे दी गई प्रक्रिया द्वारा निकटतम एसआरओ के पास आवेदन जमा करेंः
- स्टाम्प ड्यूटी रिफंड पेज पर जाएं और अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉगिन करें
- रिफंड टोकन नंबर जेनरेट करें और पासवर्ड बनाएं।
- पर्सनल बैंक अकाउंट डिटेल्स, रिफंड का कारण आदि डिटेल्स भरें।
- आपके द्वारा किए गए भुगतान के प्रकार, निकटतम एसआरओ और स्टाम्प विक्रेता का उल्लेख करें।
- सभी विवरण पंजीकृत करें और इस टोकन नंबर को संबंधित एसआरओ को जमा करें।
क्या आपको पिछले संपत्ति दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करने की आवश्यकता है?
महाराष्ट्र मुद्रांक अधिनियम (Maharashtra Stamp Act 1958) के अनुसार, कलेक्टर यह सत्यापित करने के लिए संपत्ति दस्तावेजों को वापस ले सकता है कि भुगतान किया गया स्टाम्प ड्यूटी उचित है या नहीं। यह पंजीकरण की तारीख से 10 साल की अवधि के भीतर ही किया जा सकता था। इसके अलावा हाल ही में दिए गए एक फैसले में बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने कहा है कि अपर्याप्त मुद्रांकित दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क बाद की बिक्री के दौरान नहीं वसूला जा सका। साथ ही अगर 10 साल की समय सीमा के भीतर स्टांप शुल्क वसूला जा रहा है तो इसकी गणना प्रचलित बाजार दर के आधार पर करनी होगी जब लेनदेन पूरा हो चुका था।
क्या मुंबई में स्टांप शुल्क भुगतान पर कर लाभ लागू हैं? (tax benefits applicable on stamp duty payments )
आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80सी ( Section 80C of the Income Tax Act 1961) के अनुसार स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क से संबंधित खर्च जो सीधे हस्तांतरण से संबंधित हैं, वे कर कटौती के पात्र हैं। अधिकतम कटौती की सीमा 1.5 लाख रुपये है।